सुबह की एक आसान वॉर्म-अप दिन को ऊर्जा से भर देती है और थकावट कम करती है।

परिचय: सुबह की एक आसान वॉर्म-अप दिन को ऊर्जा से भर देती है और थकावट कम करती है। यहाँ एक ऐसा आसान वॉर्म-अप रूटीन है जिसे आलसी लोग भी आसानी से कर सकते हैं। यह हल्के मूव्स से भरा है और गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है। हर एक्सरसाइज का तरीका और फायदे शामिल हैं, ताकि आप इसे रोज़ अपनाकर दिन की बेहतर शुरुआत कर सकें।

1. गरदन का घुमाव (3-4 मिनट)

तरीका:

आराम से बैठें या खड़े हों।

धीरे-धीरे ठुड्डी को छाती की ओर झुकाएँ।

गर्दन को हल्के से दाएँ कंधे की ओर घुमाएँ और फिर पीछे की ओर ले जाएँ।

इस गोलाई को पूरा करते हुए ठुड्डी को वापस नीचे लाएँ और बाईं ओर घुमाएँ।

हर दिशा में 5-6 बार दोहराएँ।

फायदे:

गर्दन का तनाव दूर करता है।

मानसिक तनाव को कम करता है।

मस्तिष्क में रक्त संचार को बढ़ाता है।

2. कंधे उठाना और घुमाना (3-5 मिनट)

तरीका:

पैरों को कूल्हे-चौड़ाई में रखें।

गहरी सांस लें और कंधों को कानों की ओर उठाएँ।

सांस छोड़ते हुए कंधों को छोड़ दें।

कंधों को छोटी गोलाई में पीछे और आगे घुमाएँ, हर दिशा में 10 बार करें।

फायदे:

कंधे के तनाव को दूर करता है।

ऊपरी शरीर की लचीलेपन को बढ़ाता है।

अधिक सक्रिय मूवमेंट के लिए शरीर को तैयार करता है।

3. कमर को मोड़ना (3-5 मिनट)

तरीका:

पैरों को स्थिर रखते हुए खड़े हों या बैठें।

हाथों को कूल्हों पर या सीधे फैलाकर रखें।

धीरे-धीरे कमर को दाईं ओर मोड़ें, कुछ सेकंड तक रुकें और वापस लौटें।

बाईं ओर मोड़ें, कुछ देर रुकें और लौटें।

प्रत्येक दिशा में 10-15 बार दोहराएँ।

फायदे:

कोर को मजबूत करता है।

रीढ़ की लचीलेपन को बढ़ाता है।

पाचन में सहायक होता है।

4. कूल्हे घुमाना (4-5 मिनट)

तरीका:

पैरों को कूल्हे-चौड़ाई में रखें और हाथों को कूल्हों पर रखें।

कूल्हों को घड़ी की दिशा में एक पूर्ण गोलाई में घुमाएँ।

8-10 बार दोहराएँ, फिर विपरीत दिशा में करें।

फायदे:

कूल्हों के क्षेत्र को ढीला करता है।

लचीलेपन को बढ़ाता है।

पीठ के निचले हिस्से के दर्द को राहत देता है।

5. घुटना उठाना (4-5 मिनट)

तरीका:

सीधे खड़े हों और दाएँ घुटने को छाती की ओर उठाएँ।

अपने हाथों से घुटने को हल्के से पास खींचें।

छोड़ें, पैर नीचे रखें और बाएँ पैर से दोहराएँ।

प्रत्येक दिशा में 10 बार करें।

फायदे:

निचले शरीर की लचीलेपन को बढ़ाता है।

रक्त प्रवाह को बढ़ाता है।

कोर को हल्के से सक्रिय करता है।